अनार को तो हम सभी सेहत का खजाना समझकर खाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही ‘खजाना’ कुछ लोगों के लिए ‘जहर’ बन सकता है? जी हाँ! हर किसी के लिए अनार का सेवन फायदेमंद नहीं होता। अगर आप भी उनमें से हैं तो यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं कि किन लोगों को अनार (Anar khane ke nuksan) से परहेज करना चाहिए और क्यों।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। अनार एक सुपरफूड है, इसमें कोई शक नहीं। यह आयरन से भरपूर होता है, एंटीऑक्सीडेंट्स का भंडार है और दिल की सेहत के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। लेकिन हर सिक्के के दो पहलू होते हैं। कुछ खास हालातों में यही अनार आपकी सेहत के लिए मुसीबत खड़ी कर सकता है। तो चलिए, आज जानते हैं कि अनार की इसी ‘डार्क साइड’ के बारे में।
1. एलर्जी के मरीज: रेडनेस और खुजली को न्यौता
अगर आपको किसी भी तरह की एलर्जी है, खासकर स्किन एलर्जी, तो अनार आपके लिए परेशानी का सबब बन सकता है। अनार में मौजूद तत्व एलर्जिक रिएक्शन को ट्रिगर कर सकते हैं, जिससे आपकी त्वचा पर लाल निशान, खुजली और रेडनेस की समस्या और भी बढ़ सकती है। इसलिए एलर्जी होने पर अनार से तौबा रखना ही बेहतर है।
2. लो बीपी वाले: और न गिर जाए आपका प्रेशर!
जिन लोगों को लो ब्लड प्रेशर (Low Blood Pressure) की शिकायत रहती है, उन्हें अनार खाने से बचना चाहिए। दरअसल, अनार की तासीर ठंडी होती है और यह शरीर में ब्लड सर्कुलेशन की रफ्तार को थोड़ा धीमा कर सकता है। इसका सीधा असर यह होता है कि आपका ब्लड प्रेशर और भी ज्यादा लो हो सकता है, जिससे चक्कर आना या कमजोरी महसूस हो सकती है।
3. पाचन की समस्या: गैस और अपच का कारण
अगर आपका पाचन तंत्र कमजोर है या आप अक्सर गैस, एसिडिटी या कब्ज की समस्या से परेशान रहते हैं, तो अनार आपकी परेशानी बढ़ा सकता है। इसकी ठंडी तासीर पाचन अग्नि (Digestive Fire) को कमजोर कर सकती है, जिससे खाना ठीक से पच नहीं पाता और पेट की दिक्कतें और बढ़ जाती हैं।
4. सर्दी-जुकाम में: बढ़ा सकता है इन्फेक्शन
वायरल, बुखार, खांसी या जुकाम होने पर अनार खाने से बचें। ठंडी तासीर वाले foods इन्फेक्शन को और बढ़ावा दे सकते हैं। ऐसे में अनार खाने से आपकी सर्दी-जुकाम की समस्या लंबी खिंच सकती है और बीमारी ठीक होने में ज्यादा वक्त लग सकता है।
5. हैवी मेडिसन लेने वाले: हो सकता है केमिकल रिएक्शन

अगर आप किसी गंभीर दिमागी बीमारी के लिए हैवी डोज वाली दवाएं ले रहे हैं, तो अनार खाने से पहले डॉक्टर से जरूर पूछ लें। अनार के कुछ तत्व दवाओं के साथ केमिकल रिएक्शन कर सकते हैं, जिससे दवा का असर कम हो सकता है या फिर दिमाग पर उल्टा प्रभाव पड़ सकता है।
तो फिर कब और कैसे खाएं अनार?
अनार खाने का सबसे सही और फायदेमंद तरीका है कि इसे सुबह के नाश्ते में शामिल किया जाए। सुबह के वक्त शरीर पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से अवशोषित (Absorb) कर पाता है। इससे आपको पूरे दिन के लिए एनर्जी मिलेगी और अनार के सारे फायदे भी मिलेंगे।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. क्या डायबिटीज के मरीज अनार खा सकते हैं?
जवाब: अनार में नैचुरल शुगर होती है, लेकिन इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है। इसका मतलब है कि यह ब्लड शुगर को अचानक से नहीं बढ़ाता। फिर भी, मधुमेह के रोगियों को इसे सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए और अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
2. क्या गर्भवती महिलाओं के लिए अनार सुरक्षित है?
जवाब: जी हाँ, अनार गर्भवती महिलाओं के लिए आयरन और फोलेट का एक बेहतरीन स्रोत है और इसे खाना आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है। हालाँकि, अगर उन्हें गैस्ट्रिक की समस्या या कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या है, तो एक बार डॉक्टर से परामर्श जरूर कर लेना चाहिए।
3. एक दिन में कितना अनार खाना सुरक्षित है?
जवाब: किसी भी चीज की अति नुकसानदायक होती है। एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए एक दिन में एक मध्यम आकार का अनार (या एक कप अनार के दाने) खाना पर्याप्त और फायदेमंद है। इससे ज्यादा मात्रा में खाने से पेट खराब हो सकता है या अन्य दिक्कतें हो सकती हैं।




